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Wednesday, October 21, 2020

पाकिस्तान में आतंकी धमकी के बीच 350 किमी यात्रा कर हिंगलाज मंदिर पहुंच रहे श्रद्धालु, चंद्रगुप्त ज्वालामुखी पर श्रीफल चढ़ाने के बाद ही दर्शन

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तपती गर्मी के बीच नंगे पैर किशोर, महिला-पुरुष मां के जयकारे लगाते हुए 300 फुट ऊंचे चंद्रगुप्त ज्वालामुखी पर चढ़ाई कर रहे हैं। हाथ में श्रीफल लिए 55 वर्षीय रमेश जायसवाल कहते हैं कि वे सिंध प्रांत के उमरकोट से नंगे पैर आए हैं। 15 दिन में 350 किमी दूरी तय की। इन्हीं की तरह सैकड़ों श्रद्धालु मां हिंगलाज के दर्शन के लिए नंगे पैर पहुंचे हैं। ज्यादातर नवरात्र के 9 दिन रुककर व्रत रखते हैं और सुबह-शाम मां की आरती में हिस्सा लेते हैं।

भारत के बाहर पाकिस्तान में यह ऐसी शक्तिपीठ है, जहां सबसे ज्यादा दर्शनार्थी पहुंचते हैं। इस बार कोरोना की पाबंदी के चलते तादाद कम है, लेकिन उत्साह में कमी नहीं है। हर साल यहां 2 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन इस बार नवरात्र में 4 दिन में 6 हजार से ज्यादा श्रद्धालु ही पहुंचे हैं। दरअसल सरकार ने एक समूह में 6 से ज्यादा लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं दी है। पहले लोग बस से 50-60 के समूह में यात्रा करते थे। इस साल कोविड पाबंदियों के चलते भारत, कनाडा, ब्रिटेन से आने वाले हजारों श्रद्धालु भी नहीं आ सके हैं।

माता के दर्शन से पहले श्रद्धालु चंद्रगुप्त ज्वालामुखी पर चढ़ते हैं। श्रीफल अर्पित करते हैं और अनुष्ठान करते हैं। मंदिर के करीब ही हिंगोल नदी है। श्रद्धालु इसमें पवित्र स्नान के बाद ही माता के दर्शन करते हैं। मुख्य पुजारी महाराज गोपाल हैं, जो कई दशक पहले मां के दर्शन के लिए आए थे और यहीं के होकर रह गए। वे बताते हैं कि सरकार ने मंदिर का जीर्णाेद्धार करवाया है। हिंगलाज माता कमेटी के महासचिव पेशुमल अरलानी बताते हैं कि बेहतर इंतजाम और तटीय हाइवे बनने से यात्रा आसान हो गई है।

अरब तट के किनारे कराची से ग्वादर तक 657 किमी हाइवे बन रहा है। हालांकि इस बार भी आतंकियों ने श्रद्धालुओं को निशाना बनाने की धमकी दी है। इसे देखते हुए मंदिर और यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बल तैनात किए हैं। बीते गुरुवार को हमले में एक दर्जन से ज्यादा जवान मारे गए थे।

लिखित इतिहास 14वीं सदी का, हिंगलाज पहाड़ी पर गिरा था सिर

इतिहासकारों का मत है कि हिंगलाज यात्रा का लिखित उल्लेख 14वीं सदी से मिलता है। मान्यता है कि भगवान शिव के तांडव से बचाने के लिए विष्णु ने चक्र से सती की पार्थिव देह के टुकड़े किए थे। ये जिन स्थानों पर गिरे, वे शक्तिपीठ कहलाए। सिर हिंगलाज पहाड़ी पर गिरा। इसलिए यह 51 शक्तिपीठों में सबसे प्रमुख है।



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Devotees traveling to Hinglaj temple traveling 350 km amid terror threat in Pakistan


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Friday, October 16, 2020

पाकिस्तान में पहली बार सरकार और सेना को राइट-लेफ्ट से साझा चुनौती, इमरान के खिलाफ रैली, 450 लोग हिरासत में

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पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए सियासी हालात ठीक नहीं दिखाई दे रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है, जब पाकिस्तान में किसी सरकार और सेना के खिलाफ राइट और लेफ्ट पार्टियां एकजुट हो गई हैं। इन 11 पार्टियों ने पिछले महीने मिलकर पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) का गठन किया था।

इसमें पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की दक्षिण पंथी पार्टी पीएमएल-एन और बिलावल भुट्‌टो-जरदारी की वामपंथी पार्टी पीपीपी भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इस मोर्चे का नेतृत्व दक्षिण पंथी दल जमीयत उलेमा-ए- इस्लाम के प्रमुख फजलूर रहमान कर रहे हैं। ये पार्टियां इमरान सरकार से इस्तीफे की मांग रही हैं।

साथ ही कह रही हैं कि देश के राजनीतिक और सरकारी मामलों में सेना की दखल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मोर्चे ने सरकार के खिलाफ तीन चरणों में आंदोलन की योजना बनाई है। इसके तहत शुक्रवार को गुजरांवाला में पहली रैली की गई।

यह साल खत्म होते-होते सरकार भी खत्म हो जाएगी

मोर्चे के नेता फजलूर रहमान ने फोन पर बातचीत में दावा किया कि इमरान सरकार के दिन लद चुके हैं। यह साल खत्म होते-होते सरकार भी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता का साथ मिल रहा है। वहीं, एक तरफ सरकार ने गुरुवार को पीडीएम को रैली करने की इजाजत तो दी।

दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने रैली से पहले लाहौर समेत पंजाब में विपक्ष के करीब 450 नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कई लोगों को नजरबंद कर दिया। इन लोगों के खिलाफ खुफिया विभाग ने रिपोर्ट दी थी।

रैली फ्लॉप करने के लिए कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

पंजाब में इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की सत्ता है। इमरान इसे प्रगतिशील पार्टी बताते रहे हैं। अपने समर्थकों पर कार्रवाई के बाद पीएमएल-एन की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने कहा, ‘इमरान पागल हो गए हैं। उन्होंने हमारी रैली फ्लॉप करने के लिए कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।'

विपक्ष का मानना है कि खाने-पीने की चीजों, पेट्रोलियम पदार्थों के महंगे होने और कमजोर अर्थव्यवस्था के कारण जनता इमरान सरकार से नाराज है। यही सरकार के पतन का कारण बनेगा। हालांकि, विशेषज्ञ इससे अलग राय रखते हैं।

फायदा विपक्षी पार्टियों को अपनी सीटों के विस्तार में मिल सकता है

राजनीतिक विश्लेषक अहमद कुरैशी का कहना है कि फिलहाल विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन से इमरान सरकार को खतरा नहीं है। इससे सरकार नहीं गिरेगी। हालांकि, सत्ता हासिल करने के बाद इमरान सरकार पर लोग जितना विश्वास कर रहे थे, उतना अब नहीं कर रहे। इसका फायदा विपक्षी पार्टियों को अपनी सीटों के विस्तार में मिल सकता है। सेना के रहते इमरान सरकार पर आंच आना मुश्किल है।

इमरान सरकार पर आरोप लगता रहा है कि वह सेना की कठपुतली बनी हुई है। इसलिए अब सेना भी सीधे तौर पर विपक्ष के खिलाफ कुछ नहीं बोल रही है। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सेना पर निशाना साधते हुए कहा है कि वे इमरान के खिलाफ नहीं हैं। वे उनके खिलाफ हैं, जिन्होंने इमरान को सत्ता तक पहुंचाया है। इमरान सरकार इलेक्टेड नहीं, सिलेक्टेड सरकार है। विपक्ष की प्राथामिकता इस सिलेक्टेड सरकार को हटाना है।

सरकार के खिलाफ विपक्ष की रैलियां

विपक्षी मोर्चा सरकार के खिलाफ 18 अक्टूबर को कराची, 25 अक्टूबर को क्वेटा, 22 नवंबर को पेशावर, 30 नवंबर को मुल्तान और 13 दिसंबर को लाहौर में रैलियां करेगा।



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For the first time in Pakistan, the government and military share a challenge from the right-left, 450 people in custody


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Thursday, October 1, 2020

पाकिस्तान ने दिलीप कुमार और राज कपूर के जिन घरों को म्यूजियम बनाने का वादा किया उनमें लोग कचरा फेंक रहे, बोले- हवेली कभी भी गिर सकती है

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पाकिस्तान में पेशावर स्थित किस्सा ख्वानी बाजार बॉलीवुड से अपने कनेक्शन को लेकर फिर चर्चा में है। यहां फिल्म अभिनेता राज कपूर, दिलीप कुमार और शाहरुख खान के पुश्तैनी घर महज 800 मीटर के दायरे में हैं। राज्य सरकार ने राज कपूर और दिलीप कुमार के 100 साल पुराने घरों को खरीदकर उसे संरक्षित करने की बात कही है। लेकिन ये दोनों घर जर्जर हो चुके हैं।

जब हम दिलीप कुमार के घर पहुंचे तो देखा कि इस जर्जर इमारत में लोग कचरा डंप कर रहे हैं। इन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। घर की पांच में 3 मंजिला पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। इसके मालिक ने सुध लेना बंद कर दिया है। ऐसी ही स्थिति राज कपूर के पुश्तैनी घर कपूर हवेली की भी है। 40 से 50 कमरे वाली यह शानदार पांच मंजिला इमारत का टॉप और चौथा फ्लोर ढह चुका है। बाकी बिल्डिंग भी जर्जर हो चुकी है।

इमारत राष्ट्रीय धरोहर घोषित

ये हालात तब हैं, जब 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इन घरों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था। पर संरक्षित करने के लिए कोई झांकने तक नहीं पहुंचा। यहीं नहीं, 2018 में भी राज्य सरकार ने दोनों घरों को खरीदकर इन्हें म्यूजियम में बदलने के लिए राशि जारी करने की बात कही थी। लेकिन रेट तय करने के लिए इनके मौजूदा मालिकों से संपर्क तक नहीं किया।

किस्सा ख्वानी बाजार में जर्जर हाल में दिलीप कुमार का घर।

हवेली 12 साल से भुतहा बनी हुई है

कपूर हवेली के मौजूदा मालिक हाजी इसरार शाह कहते हैं, ‘मुझे बॉलीवुड पर राज करने वाले राज कपूर की हवेली का मालिक होने पर गर्व है। अगर सरकार इसे खरीदकर म्यूजियम बनी है, तो मुझे बहुत खुशी होगी। लेकिन अगर बात नहीं बनती तो मैं इस बिल्डिंग की जगह मल्टी स्टोरी सिनेमा घर बनाऊंगा।’ हवेली के पड़ोस में रहने वाले और पूर्व मेयर अब्दुल हकीम सफी बताते हैं कि यह हवेली 12 साल से भुतहा बनी हुई है।

इसके मालिक कभी-कभी ही यहां दिखाई पड़ते हैं। आसपास के लोगों को डर है कि यह जर्जर हवेली कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वहीं दिलीप कुमार के घर के मालिक ने सरकार से 200 करोड़ रुपए की मांग की है।

शहर के डिप्टी कमिश्नर कहते हैं कि हम इन घरों की कीमत तय करने पर काम कर रहे हैं। सरकार ने ऐतिहासिक घरों को संरक्षित करने के लिए 400 करोड़ रुपए का फंड जारी किया है। जल्द ही ये इमारतें खरीदने का काम पूरा हो जाएगा।

कपूर हवेली में मैरिज पार्टी के लिए 6 महीने वेटिंग रहती थी
शादी की पार्टी देने के लिए यह हवेली लोगों की पहली पसंद होती थी। नियाज शाह बताते हैं कि हवेली में बुकिंग नहीं मिलने के चलते बेटी की शादी 6 महीने आगे बढ़ानी पड़ी थी। 2005 के भूकंप से हवेली को नुकसान पहुंचा और यह गतिविधि बंद हो गई।



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किस्सा ख्वानी बाजार में जर्जर हाल में राज कपूर का घर।


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Sunday, May 3, 2020

पंजाब प्रांत के मरकज में क्वारैंटाइन 72 तब्लीगी जमाती भागे, इन्हें पकड़ने के लिए सरकार ने आईएसआई लगाई

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पाकिस्तान में रविवार को कोरोना मरीजों की संख्या 20 हजार 84 हो गई। यहां 1297 नए केस आए हैं। अब तक 457 मौतें हुई हैं। सबसे ज्यादा 180 मौतें खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुई हैं। कोरोना से मुकाबले में इमरान सरकार कई मोर्चों पर नाकाम रही है। पंजाब प्रांत के हाफिजाबाद स्थित प्रमुख मरकज में क्वारैंटाइन किए गए तब्लीगी जमात के अब तक 72 सदस्य भाग चुके हैं। इन्हें पकड़ने के लिए खुफिया एजेंसी आईएसआई को लगाया गया है।

दूसरी ओर, सेना ने भी कोरोना से मुकाबले के लिए खुद काे आगे कर दिया है। उसने पूरे देश में अपनी छावनियों, हथियार फैक्ट्रियों, बॉर्डर इलाकों जैसे तिब्बत बेल्ट, कश्मीर, गिलगितबालटिस्तान में सख्त लॉकडाउन किया है। इन सभी जगहों पर जवान तैनात किए हैं। सेना के सभी विभागों के कर्मचारियों की छुटि्टयां रद्द कर दी हैं। इसके अलावा देशभर में सरकारी कर्मचारियों की मदद के लिए रिजर्व बल तैनात किया है।

चीनी मेडिकल टीम2 महीने पाकिस्तान में रहेगी

सेना के मेडिकल कोर की मदद के लिए चीनी सेना के मेडिकल एक्सपर्ट बुलाए गए हैं। इन चीनी डॉक्टरों को पाकिस्तान के अस्पतालों में देखा जा सकता है। चीनी मेडिकल टीम का नेतृत्व मेजर जनरल हुआंग किनजेन कर रहे हैं। वह 9 दिन पहले पाकिस्तान आए थे। टीम अगले दो महीने तक पाकिस्तान में रहेगी। टीम में रोग नियंत्रक, आईसीयू एक्सपर्ट और सांस रोग विशेषज्ञ शामिल हैं।

पीएम इमरान को इस्तीफा दे देना चाहिए: विपक्ष

इधर, विपक्ष प्रधानमंत्री इमरान खान पर लगातार दबाव बना रहा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्‌टो का कहना है कि सरकार कोरोना संकट का मुकाबला करने में कमजोर साबित हुई है। पीएम इमरान को इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि, सरकार का कहना है कि उसने अब तक 2 लाख 3 हजार 25 लोगों के टेस्ट कराए हैं।

सरकार डॉक्टरों कीमांगें पूरी करने में नाकाम रही
पाकिस्तान के डॉक्टर शुरू से ही सुरक्षा उपकरण की कमी से जूझ रहे हैं। चार दिन पहले रावलपिंडी शहर में 26 साल की डॉक्टर की कोरोना से मौत हो गई थी। एक युवा डॉक्टर की मौत ने अन्य हजारों स्वास्थ्य कर्मियों को झकझोर दिया। ये स्वास्थ्यकर्मी शुरू से ही आवश्यक सुरक्षा उपकरणों और सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। सरकार उनकी मांगें पूरी करने में नाकाम रही है।

देश में 444 हेल्थ वर्कर कोरोना पॉजिटिव पाए गए

युवा डॉक्टर की मौत के करीब हफ्तेभर पहले पेशावर में भी एक सीनियर डॉक्टर की मौत कोरोना से हो चुकी है। नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मुताबिक, देश में 444 हेल्थ वर्कर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 216 डॉक्टर, 67 नर्स और 161 अन्य स्वास्थ्य कर्मी हैं। यंग डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद फजल ने कहा कि ज्यादातर संक्रमित डॉक्टर बेचैन और मनौवैज्ञानिक समस्याओं से ग्रस्त हैं। इसलिए इनकी निगरानी के लिए साइकोलॉजिस्ट रखे गए हैं।

अगले हफ्ते लॉकडाउन में ज्यादा ढील की घोषणा संभव
सरकार अगले हफ्ते लॉकडाउन में ज्यादा ढील की घोषणा कर सकती है। पिछले महीने 21 उद्योग फिर से खोलने की मंजूरी दी गई थी। इनमें सीमेंट, केमिकल, क्रशिंग, फर्टिलाइजर, खनिज, कृषि, कांच, स्टेशनरी उद्योग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, पेपर और पैकेजिंग यूनिट आदि शामिल हैं।पाक के इंस्टीट्‌यूट ऑफ डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स के मुताबिक कोरोना के कारण देश में 1.80 करोड़ लोगों की जॉब जा सकती है। 7 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं।

5 राज्य में 98 फीसदी मामले

  • पंजाबः 7794 मामले
  • सिंधः 7465 मामले
  • खैबर पख्तूनख्वाः 3179 मामले
  • बलूचिस्तानः 1172 मामले
  • इस्लामाबाद क्षेत्रः 393 मामले


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पाकिस्तानी सेना के मेडिकल कोर की मदद के लिए चीनी सेना के मेडिकल एक्सपर्ट बुलाए गए हैं। ये चीनी डॉक्टर अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं।


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