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Tuesday, March 24, 2020

स्पेन में 24 घंटे में 514 लोगों की मौत, संक्रमण के 6600 नए मामले सामने आए; इटली में 743 लोगों ने जान गंवाई

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रोम/नई दिल्ली. दुनिया के 197 देश कोरोनावायरस की चपेट में आ चुके हैं। इससे 18,887 लोगों की मौत हो चुकी है। 4 लाख 22 हजार 566 संक्रमित हैं। 1 लाख 8 हजार 388 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। वहीं, स्पेन में एक दिन में 514 लोग मारे गए हैं, जबकि 6600 लोग संक्रमित हुए हैं। उधर, इटली में 24 घंटे में 743 लोगों की मौत हुई है। देश की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी ने मंगलवार को ये जानकारी दी। दो दिनों के बाद देश में मौतों का आंकड़ा फिर से बढ़ गया है। इससे पहले सोमवार को 601 और रविवार को 650 लोगों की जान गई थी।

भारत में मंगलवार आधी रात से लॉकडाउन लगा दिया गया है। देश के 1.3 अरब लोग अपने घरों में 21 दिन तक नजरबंद रहेंगे। इस दौरान जरूरी चीजों जैसे सब्जी, दूध और मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे। यहां अब तक संक्रमण के 529 मामले हो चुके हैं, जबकि 11 लोगों की मौत हो गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश को संबोधित किया।


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यह फोटो स्पेन की राजधानी मैड्रिड की है। यूरोप में इटली के बाद स्पेन सबसे ज्यादा प्रभावित देश है।


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वैज्ञानिकों ने बताया- क्यों नहीं खोज पा रहे कोरोनावायरस का इलाज?

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वाशिंगटन.दुनियाभर में फैले कोरोनावायरस के बारे में वैज्ञानिकों ने कई अहमखुलासे किए हैं। वैज्ञानिक इसे बमुश्किल जीव मानते हैं।अमेरिका की कार्नेल यूनिवर्सिटी में वायरोलॉजी के प्रोफेसर गैरी व्हिटेकर के मुताबिक यह केमिस्ट्री और बायोलॉजी के बीच की कड़ी है। कभी इसकी वजह से रसायनिक क्रियाएं होती हैं, तो कभी यह माइक्रोब्स की तरह इसका व्यवहार होता है।यह वायरस सजीव और निर्जीव के बीच की कड़ी है। यही कारण है कि अभी तक इसका इलाज नहीं खोजा जा सका।


वायरस को नियंत्रित करना क्यों कठिन?

लक्षण देर में सामने आते हैं
वैज्ञानिकों का कहना है कि शरीर के बाहर वायरस निष्क्रिय रहता है। इसमें प्रजननऔर मेटाबॉलिज्म जैसे लक्षण नहीं होते।लेकिन, जैसे ही यह हमारे शरीर में आता है। अपने जैसे लाखों वायरस बनाने के लिएहमारी कोशिकाएं हाईजैक कर लेता है। इसकी विशेषता यह है कि इसके लक्षण सार्स और मर्स की तुलना में बहुत देर से दिखते हैं। लोगों को जब तक संक्रमित होने का पता चलता है, तब तकवे दूसरों तक संक्रमण फैला चुके होते हैं।

डेंगू, जीका वायरस से तीन गुना बड़ा है कोरोना
कोरोनावायरस आकार में डेंगू, वेस्ट नाइल और जीका फैलाने वाले वायरसों से तीन गुना बड़ा है। टेक्ससमेडिकल ब्रांच के वायरोलॉजिस्ट विनीत मैनचेरी ने एक उदाहरण से इसे समझाया। उनके मुताबिक, अगर डेंगू के पास शरीर पर हमला करने के लिए एक हथौड़ा है तो कोरोनाके पास अलग-अलग आकार के तीन हथौड़े हैं। यह हालात बदलने पर अपनी प्रकृति बदलकर हमला करता है।

कोरोनावायरस सामान्य रेस्पिरेटरी वायरस से बिल्कुल अलग

यह वायरस सामान्य रेस्पिरेटरी (श्वसन) वायरस से बिल्कुल अलग है। आमतौर पर ये वायरस शरीर में एक समय पर एक जगह हमला करते हैं। अगर येगले और नाक पर हमला करते हैं तो वहीं तक रहते हैं और खांसी और छींक के माध्यम से दूसरों तक संक्रमण फैलाते हैं। कुछ वायरस फेफड़ों परहमला करते हैं।जहां वे संक्रमण तो नहीं फैलाते,लेकिन जानलेवा बन जाते हैं। कोरोनावायरस दोनों जगह एक साथ हमला करता है। यह गले और नाक के माध्यम से संक्रमण भी फैलाता है और फेफड़े में कोशिकाओं को मारकर जान भी ले लेता है।

कोरोनावायरस का आकार हमारी पलक की चौड़ाई के एक हजारवें भाग के बराबर है।

धीरे-धीरे सामान्य वायरस में बदल जाएगा कोरोना
कुछ वायरोलॉजिस्ट का मानना है कि कोरोनावायरस वास्तव में हमें मारना नहीं चाहता। अगर शरीर स्वस्थ रहता है तो यह उनके लिए फायदेमंद होता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि कि हजारों लोगों की जान लेने वाला कोरोनावायरस अपने जीवन के शुरुआती चरण में है। जब यह किसी शरीर में आता है तो अपनी आबादी को बेतहाशा बढ़ाता है। जिसकी वजह से व्यक्ति की मौत हो जाती है। ये वायरस के लिए भी नुकसानदायक होता है। लेकिन, समय के साथ इसका आरएनए बदल जाएगा। भविष्य में यह सामान्य वायरस में बदल जाएगा जो सिर्फ खांसने, छींकने तक ही सीमित रहेगा।

वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड
वायरस के संक्रमण से लक्षण दिखने तक के समय को इन्क्यूबेशन पीरियड कहते हैं। इतने समय में वायरस शरीर में जम जाता है। वायरस शरीर में दो स्थानों पर ज्यादा सक्रिय होते हैं। पहला गला और दूसरा फेफड़े। यहां वह अपनी संख्या बढ़ाता है और एक तरह की ‘कोरोनावायरस फैक्ट्रियां’ बनाता है। नए कोरोनावायरस बाक़ी कोशिकाओं पर हमले में लग जाते हैं। वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड भी लोगों में अलग-अलग हो सकता है। औसतन यहपांच दिन का होता है।


यह वायरस लाखों साल तक निष्क्रिय पड़े रहते हैं
शोधकर्ताओं ने 2014 में पाया था कि एक वायरस पर्माफ्रॉस्ट 30,000 साल से मौजूद था। लैब के टेस्ट में पता चला कि इतने सालों तक निष्क्रिय रहने के बाद भी वायरस किसी को भी संक्रमित करने की स्थिति में था। ऐसा इसलिए क्योंकि यह वायरस बर्फ की वजह से जमी हुई मिट्टी के नीचे लंबे वक्त तक निष्क्रिय रहता है।यहां मौजूद पानी मिट्‌टी से मिलकर इसे इतनी मजबूती से जमा देता है कि यह पत्थर जैसी कठोर हो जाती है। इसके अलावा एक और अध्ययन में पाया गया कि मुंह में दाद करने वाला वायरस मानव वंश के साथ 60 लाख सालों से है।



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अमेरिका की पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के वैक्सीन रिसर्च सेंटर पर कोरोनावायरस पर शोध करते वैज्ञानिक।


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भारत में दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन, दुनियाभर के 200 करोड़ से ज्यादा लोग घरों में कैद, इसमें करीब 130 करोड़ भारतीय

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पेरिस. कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर के 50 से ज्यादा देशों ने लॉकडाउन घोषित किया है। इस वजह से करीब 230 करोड़ लोग घरों में कैद हो गए हैं। इसमें से अकेले130 करोड़ लोग केवल भारत में ही लॉकडाउन होंगे। इसकी शुरुआत मंगलवार आधी रात से हो जाएगी।प्रधानमंत्री मोदी नेमंगलवार को देश को संबोधित करते हुए 21 दिन के अनिवार्य लॉकडाउन का ऐलान करते हुए कहा था कि इसे लोग कर्फ्यू ही मानें।लॉकडाउन घोषित करने वाले कई देशों ने इसे अनिवार्य कियाहै, जबकि कुछ ने इसे सख्ती से लागू नहीं किया है। केवल लोगों से घर में रुकने की अपील की गई है।

35 देशों में अनिवार्य लॉकडाउन, इसमें भारत भी शामिल
आबादी- 195.9 करोड़

करीब 195.9 करोड़ की आबादी वाले 35 देशों ने अनिवार्य लॉकडाउन किया है। अनिवार्य लॉकडाउन का मतलब है कि बहुत जरूरत न होने परघर से बाहर निकलना बिल्कुल मना है और ऐसा करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इनदेशों में 130 करोड़ की आबादी वाला भारत सबसे बड़ा देश है। इसके अलावाफ्रांस, इटली, अर्जेंटीना, इराक, ग्रीस, रवांडा और अमेरिका का कैलिफोर्निया राज्य है। मंगलवार को कोलंबिया भी इसी लिस्ट में शामिल हो गया। वहीं, न्यूजीलैंड बुधवार से लॉकडाउन होगा। अधिकतर देशों में जरूरी काम पर जाने, मेडिकल केयर के लिए जरूरी सामान लाने की छूट है।

रोम में एक बिल्डिंग पर प्रोजक्टर के जरिए 1952 में आई मूवी ‘थ्री गर्ल्स फ्रॉम रोम’दिखाई जा रही है। यहां अनिवार्य लॉकडाउन घोषित किया गया है। इसके चलते लोगों का मन बहलाने के लिए बिल्डिंगों में इसी तरह से फिल्म दिखाई जा रही हैं।
गुजरात में सड़कों पर लोगों को रोकती पुलिस। यहां लॉकडाउन घोषित किया गया है। इसके बावजूद लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।

पांच देशों में केवल लोगों से अपील
आबादी- 22.8 करोड़

करीब पांच देशों (आबादी करीब 22.8 करोड़) ने अपने नागरिकों से अपील की है कि घर पर ही रहें और कम से कम लोगों के संपर्क में आएं। इन देशों मेंईरान, जर्मनी और ब्रिटेन भी शामिल हैं। ब्रिटेन में पिछले हफ्ते समुद्र तटों और पार्कों में भीड़ जमा होने के बाद सख्ती बरतने की चेतावनी दी गई है। वहीं, ईरान में पिछले हफ्ते नववर्ष पर लाखों लोग सड़कों पर निकले थे। इसके बाद लोगों से घरों में ही रहने की अपील की गई है।

लंदन के रिचमंड पार्क में साइकिलिंग करते लोग। ब्रिटेन में तेजी से संक्रमण फैल रहा है। यहां लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है।

10 देशों में कर्फ्यू
आबादी- 11.7 करोड़

करीब 10 देश ऐसे हैं, जिन्होंने कर्फ्यू घोषित किया है। इनमें बर्किना फासो, चिली, फिलिपींस, सर्बिया, मौरीटानिया और सऊदी अरब हैं। इन देशों की आबादी 11.7 करोड़ है। इसके इतर कुछ देश ऐसे हैं, जिन्होंने कुछ शहरों को आइसोलेट किया है। ऐसे देशों की आबादी करीब एक करोड़ है।

फिलीपींस के मनीला में खाली सड़क पर गुजरती एक महिला। यहां कर्फ्यू घोषित किया गया है। पालन न करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।


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दिल्ली में कर्फ्यू के बाद राजपथ का नजारा। भारत में ज्यादातर राज्यों में लॉकडाउन घोषित किया गया है।


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Monday, March 23, 2020

195 देश और 16,510 मौतें: वुहान शहर में 6 दिनों में 1 नया मामला सामने आया, इटली में सोमवार को 602 लोगों की जान गई

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बीजिंग. दुनिया के 195 देश कोरोनावायरस की चपेट में आ चुके हैं। 16,510 लोगों की मौत हो चुकी है। 3 लाख 78 हजार 842 संक्रमित हैं। वहीं, करीब एक लाख दो हजार मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। चीन के सबसे ज्यादा प्रभावित वुहान शहर में छह दिनों में एक नया मामला सामने आया है। पांच दिनों तक यहां कोई केस सामने नहीं आया था। हालांकि, यहां सोमवार को सात लोगों की मौत हुई थी। वहीं, इटली में सोमवार को 602 लोगों की जान गई है। इटली यूरोप का सबसे ज्यादा प्रभावित देश है।



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इटली में लॉकडाउन के बाद बोल्गना शहर में सूनसान सड़क।


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Sunday, March 22, 2020

192 देशों में संक्रमण और 14616 मौतें: अमेरिका में 24 घंटे में 100 से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई

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वॉशिंगटन. दुनिया के 192 से ज्यादा देश कोरोनावायरस की चपेट में हैं। इससे 14, 616 लोगों की मौत हो चुकी है। उधर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका में 24 घंटे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यहां अब तक 33,276 लोग संक्रमित हैं, जबकि 419 लोगों की मौत हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कारण चिंतिंत हैं, क्योंकि चीन अमेरिका को कोरोनावायरस के बारे में पहले चेतावनी दे सकता था।


ट्रम्प ने कहा- मैं चीन से थोड़ा परेशान हूं। मैं उनके साथ ईमानदार हूं। मुझे राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनके देश का सम्मान करता हूं। उन्हें हमें इस बारे में बताना चाहिए था। अमेरिका ने चीन में विशेषज्ञों को भेजने की पेशकश की थी, लेकिन चीन के कोई प्रतिक्रिया नहीं थी थी।

न्यूयॉर्क में संक्रमण के 15 हजार से ज्यादा केस सामने आए हैं। वायरस की वजह से मेट्रो में भी भीड़ कम हो गई है।

एक दिन में 1600 लोगों की मौत:डब्ल्यूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि अफ्रीका के चार देशों में कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के 26,069 मामले सामने आए हैं। 1600 लोगों की मौत हुई है।



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कोरोनावायरस की वजह से लॉस एजेंलिस की सड़कों पर सन्नाटा छाया हुआ है।


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राॅन्ग साइड से आ रही बस ट्रक से भिड़ी, 11 की मौत, 17 जख्मी

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रियो डि जनेरियो. दक्षिण पूर्व ब्राजील के गेरैज राज्य में रविवार तड़के में हादसा हो गया। पीरपोरा शहर के पास स्टेट हाईवे पर रॉन्ग साइड से आ रही बस ट्रक से भिड़ी गई। हादसे में 11 लोगों को मौत हो गई। 17 जख्मी हैं।

फेडरल हाईवे पुलिस के मुताबिक, बस पूर्वोत्तर बाहिया राज्य से मिनस गेरैस में परकातु शहर जा रही थी। वहीं ट्रक मिनस गेरैस के साओ गोटार्डो से बहिया जा रहा था। सभी घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें कुछ की हालत अधिक गंभीर है।



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सभी घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


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Saturday, March 21, 2020

188 देश और 13,032 मौतें: स्पेन में एक दिन में 5 हजार नए मामले, इटली में फुटबॉल स्टार माल्दिनी पॉजिटिव; अमेरिका के उप राष्ट्रपति की रिपोर्ट निगेटिव

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वॉशिंगटन. दुनिया में कोरोनावायरस थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार सुबह तक 188 देश इससे प्रभावित हो चुके थे। इस दौरान कुल 3,06,939 मामले सामने आए। 13,032 लोगों की मौत हो गई। राहत की इकलौती बात ये कि इसी दौरान 95,498 मरीज स्वस्थ भी हुए।

स्पेन : 24 घंटे में 5 हजार नए मामले
स्पेन में कोरोनावायरस को रोकने के अब तक के सभी प्रयास ज्यादा सफल नहीं हुए। यहां शनिवार को 5 हजार नए मामले सामने आए। यहां कुल मिलाकर 25,496 लोग रविवार सुबह तक संक्रमित पाए गए हैं। 1,378 की मौत हो चुकी है। सरकार ने लॉकडाउन किया। लेकिन, शनिवार और रविवार के आंकड़े देखें तो साफ हो जाता है कि लॉकडाउन से कोई फायदा नहीं हुआ। माना जा रहा कि रविवार को हेल्थ कमेटी की बैठक में और सख्त उपायों का ऐलान किया जा सकता है।

इटली : फुटबॉल स्टार और बेटा भी संक्रमित
इटली के पूर्व फुटबॉल स्टार पाओलो माल्दिनी और उनके बेटे का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया। उनके क्लब एसी मिलान ने यह जानकारी दी। माल्दिनी को दुनिया के बेस्ट डिफेंडर में से एक माना जाता है। 51 साल के माल्दिन फिलहाल एसी मिलान के टेक्नीकल डायरेक्टर हैं। इस बीच, इटली में रविवार सुबह तक संक्रमण के कुल 53,578 मामले सामने आ चुके थे। 4,825 लोगों की मौत हो चुकी है।

अमेरिका : उप राष्ट्रपति की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव
अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस और पत्नी कैरेन पेंस की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। उनके प्रवक्ता ने शनिवार देर रात ट्विटर पर यह जानकारी दी। पेंस और कैरेन दक्षिण कोरिया के एक प्रतिनिधिमंडल से मिले थे। इसके कुछ सदस्य बाद में पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद ही पेंस का टेस्ट कराया गया। पेंस के स्टाफ का एक सदस्य भी पॉजिटिव पाया गया था। इस बीच, अमेरिका में रविवार सुबह तक संक्रमण के कुल 26,112 मामले सामने आए। 325 लोगों की मौत हो चुकी है।

अमेरिका : 20 लाख मास्क दान करेगी एप्पल
एप्पल कंपनी के सीईओ टिम कुक ने शनिवार रात कहा, “कोरोनावायरस के मामले हमारे देश में बढ़ते जा रहे हैं। एप्पल ने फैसला किया है कि वो अमेरिका और यूरोप में कुल 20 लाख मास्क दान करेगी।” बाद में कंपनी ने एक बयान भी जारी किया। इसमें कहा गया कि 20 लाख मास्क के अलावा वो कुछ जरूरी मेडिकल इक्युपमेंट्स भी डोनेट करेगी। कंपनी ने चीन में अपने स्टोर बंद कर दिए हैं। उसने संक्रमण से लड़ने के लिए 15 लाख अमेरिकी डॉलर देने का भी ऐलान किया है।

कुवैत : अब सरकार सख्त
कुवैत सरकार ने कुछ दिनों पहले लोगों से घरों में ही रहने को कहा था। इसका कोई खास असर नहीं हुआ क्योंकि लोगों ने आवाजाही पर सरकार के निर्देश नहीं माने। अब उप प्रधानमंत्री अनस अल सालेह ने साफ कर दिया है कि सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है। रविवार को 11 घंटे के कर्फ्यु का ऐलान कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जो भी नागरिक कर्फ्यु का उल्लंघन करेगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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शनिवार रात स्पेन के एक मॉल में दवा का छिड़काव करता कर्मचारी।


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चीन ने कोरोना का पहला केस सामने आने के 24 दिन बाद और इटली ने 39 दिन बाद लॉकडाउन किया, भारत में 50 दिन बाद भी नहीं

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मिलान/बीजिंग. कोरोनावायरस को हल्के में लेना इटली को भारी पड़ रहा है। पहले यहां सरकार ने देरी से 10 मार्च को लॉकडाउन घोषित किया। फिर इसका कड़ाई से पालन नहीं कराया गया। लॉकडाउन के बावूजद इटली के कई शहरों में लोग शॉपिंग करते रहे, रेस्टोरेंट्स में खाना खाते रहे, बार और क्लब में लेटनाइट पार्टी करते रहे, मार्केट में घूमते रहे। इसी के चलते इटली सरकार ने अब लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने के लिए देश भर में आर्मी तैनात कर दी है, ताकि लोग घरों से बाहर न निकल सकें।
इटली में कोरोना का पहला केस 31 जनवरी को रोम में सामने आया था। लेकिन देश में लॉकडाउन 10 मार्च को लागू किया गया। भारत में पहला मामला 31 जनवरी को केरल में आया था। इसके बाद से 50 दिन हो गए हैं, लेकिन लॉकडाउन नहीं लगाया गया है।

चीन में रेड क्रास के वाइस प्रेसीडेंट सुन शुओपेंग इटली पहुंचे हुए हैं। उन्होंने मिलान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि यहां उसी तरह का माहौल है, जैसे दो महीने पहले कोरोनावायरस के केंद्र वुहान शहर में था। वुहान में एक महीने के लॉकडाउन के बाद हमने देखा था कि इससे कोरोना के केस में कमी आई। जबकि इटली का मिलान, जहां सबसे ज्यादा कोरोना फैला है, वहां लॉकडाउन बहुत ज्यादा कठोर नहीं है। यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस चल रही है, लोग लगातार एक जगह से दूसरी जगह जा रहे हैं। लोग होटलों में डिनर और पार्टी कर रहे हैं, वो भी बिना मास्क पहने हुए। मुझे नहीं पता कि यहां लोग क्या सोच रहे हैं।


इटली के हालात: शुक्रवार को 24 घंटे में 627 लोगों की जान गई, यह एक दिन में सबसे ज्यादा

इटली में शुरुआती लापरवाहियों के नतीजे अब गंभीर हो चले हैं। शुक्रवार को 24 घंटे में 627 लोगों की कोरोना से मौतें हुईं। यह एक दिन में अब तक किसी भी देश में कोरोना से हुई सबसे ज्यादा मौतें हैं। इटली में अब तक 4032 लोगों की जान जा चुकी है। देश में छह हजार नए केस आए हैं। देश में अब तक कोरोना के 47,000 केस आ चुके हैं। सबसे बुरी स्थिति इटली के उत्तरी क्षेत्र लोम्बार्डी की है, यहां पिछले महीने कोरोना का पहला मामला आया था। देखते ही देखते स्थिति खराब हो गई है। हजारों की संख्या में लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। उनके इलाज के लिए डॉक्टर कम पड़ गए हैं। ऐसे वक्त में चीन के मेडिकल एक्सपर्ट इटली पहुंचे हैं। वे कोरोना के इलाज और लॉकडाउन को सही तरीके से लागू करने में मदद करेंगे।

तस्वीर 20 मार्च की है। मिलान में लॉकडाउन के बावजूद लोग सुपर मार्केट में खरीददारी कर रहे थे।

लोम्बार्डी में राज्य सरकार पहले लॉकडाउन में ढ़ील देने के पक्ष में थी, अब ज्यादा जवान मांग रही
इटली के लोम्बार्डी में भी लॉकडाउन का कड़ाई से पालन नहीं हुआ। यहां पहले राज्य सरकार ने खुद भी इसमें ढील बरतने को लेकर सहमत थी, लेकिन अब लोम्बार्डी क्षेत्र के प्रेसीडेंट ने कहा है कि आर्मी के इस्तेमाल से लोगों को जबरदस्ती घर में कैद करने में मदद मिलेगी। हालांकि यहां आर्मी के 114 जवान ही पूरे लोम्बार्डी क्षेत्र में तैनात किए गए हैं। प्रेसीडेंट एट्टीलिओ फोनटाना ने कहा है कि यह संख्या बहुत कम है, लेकिन हम इसे लेकर पॉजिटिव हैं। पूरे क्षेत्र में सड़कों पर जवान गश्त करेंगे।

लोगों को रोकने के लिए मिलान के डूओमो स्कॉवयर पर तैनात सेना का जवान।

लोम्बार्डी में स्थिति बहुत खराब है, आईसीयू में नहीं बची जगह, दूसरे शहर भेजे जा रहे मरीज
डैनिला कॉनफालोनिरी मिलान शहर में नर्स हैं। न्यूज एजेंसी रायटर्स से कहती हैं कि यहां स्थिति इतनी डरावनी है कि कोरोना से मरने वाले लोगों की गिनती नहीं हो पा रही है। हम तनाव और डर के बीच काम कर रहे हैं। दुर्भाग्यबस हम लोम्बार्डी में स्थिति को नियंत्रित करने में असफल हैं। यहां बहुत विकट स्थिति है और हम मृतकों की गिनती भी नहीं कर रहे हैं। इटली से बाहर रहने वाले इस खबर को देखें और ध्यान दें कि यहां स्थिति कितनी खराब है। यह अकल्पनीय है।
लोम्बार्डी के बेरगामो स्थित एक हॉस्पिटल के डॉक्टर स्टेफानो मागंओनी सीएनएन से बातचीत में कहते हैं कि कोरोनावायरस ने इतनी भयानक तरीके से हिट किया है कि अब हमें आईसीयू मरीजों को देश के अन्य हिस्सों में भेजना पड़ रहा है, क्योंकि यहां अस्पतालों में जगह नहीं है। यहां पास स्थित ब्रेससीया शहर में भी सभी आईसीयू फुल हो चुके हैं।

तस्वीर 20 मार्च की है। इटली में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित मिलान में लॉकडाउन के बावजूद सड़कों पर ट्रैफिक था।

इटली में कोरोनावायरस से मरने वालों में 96% लोग 60 साल से ज्यादा उम्र के हैं
इटली में मरने वाले लोगों में सबसे ज्यादा बुजुर्ग हैं। इटली के हेल्थ इंस्टीट्यूट की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक कोरोना से 86% मौतें 70 से ज्यादा उम्र के लोगों की हुई हैं। 10% लोग 60 से 69 साल के बीच के हैं। इटली में जापान के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा बुजुर्ग आबादी है।

मिलान में पुलिस पार्कों में बैठे लोगों को जबरदस्ती निकाल रही है।


चीन ने क्या किया: 23 जनवरी को पहली बार वुहान में लॉकडाउन किया, इसके बाद 20 राज्यों में 70 करोड़ लोगों को घरों में कैद कर दिया

चीन ने हुबेई प्रांत के वुहान में 23 जनवरी को लॉकडाउन लागू किया था। यहीं से कोरोनावायरस शुरू हुआ था। पहला मामला 31 दिसंबर को सामने आया था। वुहान की आबादी 1.1 करोड़ है। इसके साथ ही चीन ने दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ा लॉकडाउन लगाया था। इसके बाद 20 राज्यों और 16 बड़े शहरों को एक साथ बंद कर दिया गया। करीब 70 करोड़ लोग घरों में कैद कर दिए गए।


विशेषज्ञों ने कहा था कि चीनी अर्थव्यवस्था को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी
वुहान में जब चीन ने पहली बार लॉकडाउन किया तो दुनिया हतप्रभ थी। महामारी के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चीन को इस कदम की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इतने बड़े लॉकडाउन से लोगों के साथ चीन की इकोनॉमी को बहुत बड़ा नुकसान होगा। इससे पहले आधुनिकदुनिया ने कहीं भी क्वारैंटाइन का इतना बड़ा मामला नहीं देखा था।

तस्वीर वुहान की है। यहां लॉकडाउन के बाद लोगों को घरों के बाहर खाने-पीने की चीजें दी जाती थीं।

जरूरी सेवाओं और मेडिकल इमरजेंसी को भी रोक दिया था
चीन ने स्कूल, ऑफिस, ट्रांसपोर्ट सर्विस, एयरपोर्ट, मेट्रो सेवा और लोगों के एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया। इन प्रतिबंधों को घोषणा के कुछ ही घंटे के अंदर पूरे वुहान में लागू कर दिया गया। शहर से बाहर आने-जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया, यहां तक जरूरी सेवाओं और मेडिकल इमरजेंसी को भी रोक दिया गया। सभी दुकानों को बंद कर दिया गया, इनमें फूड और मेडिसिन शॉप भी शामिल थीं। निजी वाहनों को बिना किसी परमीशन के जहां-तहां रोक दिया। लोगों को घरों से निकलने पर भी प्रतिबंध लगा दिया। इसके लिए जगह-जगह पुलिस तैनात कर दी गई।


लोगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कम्युनिटी सेवा शुरू की
सरकार ने लोगों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कम्युनिटी सेवा शुरू की। केवल कुछ जगहों पर फूड और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए दुकानें खोली गईं। लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल शुरू किया। कुछ ही दिन बाद लॉकडाउन पॉलिसी को और कड़ाई के साथ लागू कर दी गई। हेल्थ वर्कर घर-घर जाकर हर एक व्यक्ति की जांच करने लगे, कोरोनावायरस का थोड़ा भी संदेह होने पर जबदरस्ती लोगों को क्वारैंटाइन किया जाने लगा। एक दिव्यांग बच्चे की घर में अकेले छोड़ दिए जाने से मौत हो गई, क्योंकि उसे खाना नहीं मिल पाया। उसके पिता और भाई को प्रशासन ने क्वारैंटाइन कर दिया था।

23 जनवरी को लॉकडाउन के कुछ ही घंटे बाद वुहान की सड़कें खाली हो गई थीं।

तब दुनिया ने चीन के इस सख्त पॉलिसी पर सवाल उठाए थे, अब नतीजे सामने
चीन ने वुहान के बाद अन्य 20 राज्यों में भी इस लॉकडाउन पॉलिसी को लागू कर दिया। दुनिया के तमाम देशों ने भी चीन के इस सख्त पॉलिसी पर सवाल उठाए। लेकिन चीनी सरकार के इस कदम के नतीजे दो महीने के अंदर ही दुनिया के सामने हैं। इस गुरुवार को चीन में पहली बार कोरोनावायरस का कोई नया मामला नहीं आया।


अब दुनिया के 20 से ज्यादा देशों में लॉकडाउन, 120 करोड़ लोग घरों में बंद
चीन के बाद दुनिया के 20 से ज्यादा देश लॉकडाउन लगा चुके हैं। करीब 120 करोड़ लोग घरों में बंद हैं, लेकिन कहीं पर भी इसका चीन जितना कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है। इसीलिए इन जगहों पर लॉकडाउन के बावजूद कोरोना के नए केसों में कमी नहीं आई है। डब्ल्यूएचओ ने भी माना है कि चीन ने लॉकडाउन के चलते कोरोनावायरस पर काबू पाने में कामयाबी पाई है।



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तस्वीर इटली के मिलान की है। यहां लोगों को हटाने के लिए सेना तैनात की गई है।


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Friday, March 20, 2020

भारतवंशी राजा कृष्णमूर्ति ने प्राइमरी चुनाव जीता, बोले- कोरोनावायरस से अमेरिकियों को बचाना मेरा पहला लक्ष्य

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वॉशिंगटन. भारतवंशी सांसद राजा कृष्णमूर्ति इलिनॉय प्रांत से डेमोक्रैटिक पार्टी का प्राइमरी चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने 80 प्रतिशत वोट हासिल किए। अब उनकी डेमोक्रैटिक पार्टी से उम्मीदवारी तय है। कृष्णमूर्ति के निकटतम प्रतिद्वंद्वी विलियम ओल्सन महज 13 प्रतिशत वोट ही हासिल कर सके। जीत के बाद अपने समर्थकों को भेजे ईमेल में उन्होंने कहा, ‘‘ दोबारा चुनाव जीतने पर मैं आप लोगों के मुद्दे कांग्रेस(संसद)में उठाऊंगा। अभी हम कोरोनावायरस महामारी से लड़ रहे हैं। मैं आपको और सभी अमरेकियों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ भी करूंगा। यह लक्ष्य मेरी पहली प्राथमिकता होगी।’’

प्राइमरी में जीत के बाद अब कृष्णमूर्ति लगातार तीसरी बार संसदीय चुनाव लड़ेंगे। इस बीच 17 मार्च को होने वाला रिपब्लिक पार्टी का चुनाव कोरोनावायरस को देखते हुए रद्द कर दिया गया।

कृष्णमूर्ति भारत-अमेरिका संबंधों के हिमायती

कृष्णमूर्ति अमेरिकी संसद की पर्मानेंट सेलेक्ट कमेटी ऑन इंटेलीजेंस के सदस्य हैं। पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ लाए गए महाभियोग के दौरान उन्होंने पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा था। इससे अमेरिकी संसद में उनकी एक अलग पहचान बनी। वे इकोनॉमिक एंड कंज्यूमर पॉलिसी सबकमेटी के चेयरमैन भी है। कृष्णमूर्ति भारत और अमेरिका के संबंधों के हिमायती हैं। अक्सर विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर होने वाली चर्चाओं में शामिल होते हैं।

कृष्णमूर्ति बराक ओबामा के सलाहकार रह चुके हैं

राजा कृष्णमूर्ति का जन्म 19 जुलाई 1973 को नई दिल्ली में हुआ था। वे महज तीन महीने के थे जब उनके माता-पिता अमेरिका आकर बस गए। राजा कृष्णमूर्ति 2004 और 2008 के चुनाव में बराक ओबामा के सलाहकार थे जो पहले सीनेटर और फिर राष्ट्रपति चुने गए। वे पेशे से वकील और इंजीनियर हैं। इलिनॉय में भारतवंशी-अमेरिकियों की आबादी अच्छी खासी है। 2016 में हुए कांग्रेसनल चुनाव में कृष्णमूर्ति को 57 प्रतिशत वोट मिले थे । उनके प्रतिद्वंद्वी सीनेटर नूलैंड को 29 और देब बुलविंकेल को 13 प्रतिशत वोट मिले थे।



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राजा कृष्णमूर्ति इलिनॉय प्रांत से दो बार कांग्रेसनल चुनाव जीत चुके हैं।


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Thursday, March 19, 2020

आईएस में शामिल होने की योजना बना रहा पाकिस्तानी डॉक्टर गिरफ्तार, आतंकी संगठन के लिए लड़ना चाहता था

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वॉशिंगटन. पाकिस्तान के एक डॉक्टर को आतंकी संगठन आईएसआईएस को मदद करने के आरोप में गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। कानून विभाग के मुताबिक, डॉ. मोहम्मद मसूद को मिन्नेपोलिस सेंट पॉल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पकड़ा गया। वह लॉस एंजिल्स जाने के लिए विमान में चढ़ने की तैयारी में था। फेडरल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एफबीआई) की टास्क फोर्स लंबे समय से डॉ. मसूद की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।वह जिन लोगों से सीरिया जाने के लिए बातचीत कर रहा था दरअसल वे एफबीआई के मुखबिर थे।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल जॉन सी. डेमर्स और मिन्नेसोटा के अटॉर्नी एरिका एच मैकडोनाल्ड ने डॉ मसूद के खिलाफ क्रिमिनल कम्प्लेंट की घोषणा की। उसके ऊपर घोषित विदेशी आतंकी संगठन को सामान से मदद करने का आरोप लगाया गया।

डॉ. मसूद रिसर्च कॉर्डिनेटर रह चुका है

डॉ. मसूद को सेंट पॉल मिन्नेपोलिस कोर्ट में मजिस्ट्रेट जज डेविड टी शुल्ज के कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट 24 मार्च को औपचारिक तौरपर इस मामले की सुनवाई करेगा। तब तक उसे हिरासत में रखने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट में दर्ज मामले के मुताबिक, मसूद पाकिस्तान का एक लाइसेंस प्राप्त डॉक्टर है। वह एच वन बी वीजा पर अमेरिका आया था। वह मिन्नेसोटा की एक क्लीनिक में रिसर्च कॉर्डिनेटर के तौर पर काम कर चुका है।

जॉर्डन के रास्ते सीरिया जाने की योजना बनाई थी

कानून विभाग के मुताबिक, मसूद ने जनवरी 2020 और मार्च 2020 के बीच आईएसआईएस और इसके नेताओं के प्रति झुकाव दिखाया। उसने सीरिया जाकर इस संगठन के लिए लड़ने की इच्छा जाहिर की। वह पहले जॉर्डन से सीरिया जाना चाहता था। उसने शिकागो से जॉर्डन जाने के लिए टिकट भी ली थी। हालांकि 16 मार्च को कोरोनावायरस के कारण जॉर्डन ने सीरिया से अपनी सीमा बंद कर दी, जिससे वह ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद उसने मिन्नेपोलिस से लॉस एंजिल्स जाने का फैसला किया। जहां वह ऐसे इंसान से मिलने वाला था जो उसे कार्गो शिप से सीरिया भेजने में मदद करने वाला था। हालांकि इससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।



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(प्रतीकात्मक फोटो)


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179 देशों में 10,035 मौतें: चीन से ज्यादा इटली में लोगों ने दम तोड़ा; ईरान ने कहा- हमारे यहां हर 10 मिनट में एक जान जा रही है

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वॉशिंगटन. कोरोनावायरस ने शुक्रवार सुबह तक 179 देशों को चपेट में ले लिया। 10,035 लोगों की मौत हो चुकी है। 244,979 मामले सामने आए। सिर्फ एक राहत भरी खबर है। और वो ये कि इसी दौरान 87,408 मरीज स्वस्थ भी हुए। कोरोना संक्रमण जिस चीन से शुरू हुआ वहां अब हालात काबू होने लगे हैं। लेकिन, यूरोपीय देश इटली में हालात भयावह हो चुके हैं। शुक्रवार सुबह तक चीन में मौतों का आंकड़ा 3,245 था। जबकि, इटली में इसी दौरान 3,405 संक्रमित दम तोड़ चुके थे। ईरान सरकार की तरफ से जो बयान आया उसने दुनिया की चिंता में इजाफा ही किया। वहां के स्वास्थ्य विभाग ने कहा- ईरान में हर 10 मिनट में एक संक्रमित की मौत हो रही है और हर 50 मिनट में नया मामला सामने आ रहा है। पाकिस्तान में गुरुवार तक 453 संक्रमित पाए गए। दो की मौत हो चुकी है। अमेरिका अब सेना को मैदान में उतारने जा रहा है।

इटली : सरकार विफल
एशियाई देश चीन से फैला कोरोनावायरस वहां अब बहुत हद काबू में है। लेकिन, यूरोपियन देश इटली कराह रहा है। शुक्रवार सुबह तक चीन में मौतों का आंकड़ा 3,245 था। जबकि, इटली में इसी दौरान 3,405 संक्रमित दम तोड़ चुके थे। सीएनएन के मुताबिक, इटली सरकार ने संक्रमण रोकने के जितने उपाय किए हैं, वो कारगर साबित नहीं हुए। सड़कों पर सेना तक तैनात कर दी गई। लेकिन, संक्रमण कम नहीं हो रहा। अमेरिकी मीडिया का कहना है कि इटली के लोगों ने ऐहतियात बरते होते तो हालात इतने खराब नहीं होते।

अमेरिका के ह्यूस्टन में गुरुवार को एक संक्रमित को स्ट्रेचर पर ले जाता मेडिकल स्टाफ।

ईरान : दुनिया के लिए डरने वाली खबर

स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता कियानोश जहानपुर ने गुरुवार रात एक ट्वीट किया। इसने दुनिया को सकते में डाल दिया। जहानपुर ने कहा, “यहां हर 10 मिनट में एक संक्रमित की मौत हो रही है। हर 50 मिनट में एक नया केस दर्ज हो रहा है।” इसके पहले मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “बुधवार और गुरुवार के बीच यानी 24 घंटे में 149 लोगों की मौत हो गई। देश में मौतों का आंकड़ा 1,284 हो चुका है। देश में गुरुवार तक कुल 18,407 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं।” राष्ट्रपति हसन रूहानी ने सख्त आदेश दिए हैं कि शुक्रवार से 15 दिन तक देश का कोई बाजार नहीं खुलेगा।

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने सख्त आदेश दिए हैं कि शुक्रवार से 15 दिन तक देश का कोई बाजार नहीं खुलेगा।

फ्रांस : कान्स फिल्म फेस्टिवल रद्द

फ्रांस में कोरोनावायरस का कहर जारी है। सरकार ने कई सैन्य टुकड़ियों को जिम्मा दिया है कि वो लॉकडाउन को सफल बनाएं। कुछ हद तक कामयाबी भी मिली। अब यहां के मशहूर कान्स फिल्म फेस्टिवल को भी रद्द कर दिया गया है। आयोजन समिति ने गुरुवार रात एक ट्वीट में यह जानकारी दी। यह समारोह 12 और 13 मई को आयोजित किया जाना था।

फ्रांस में कोरोनावायरस के संक्रमण की वजह से कान्स फिल्म फेस्टिवल टाल दिया गया है। (फाइल)

अमेरिका : एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

न्यूजर्सी में एक ही परिवार के चार सदस्यों की कोरोनावायरस के कारण मौत हो गई। सात सदस्यों वाली इस फैमिली के तीन मेंबर लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं। यह जानकारी सीएनएन ने शुक्रवार को दी। पेंटागन ने ट्रम्प सरकार को अपने दो मोबाइल मेडिकल शिप इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है। अमेरिकी एयरफोर्स की एक मेडिकल यूनिट भी हेल्थ डिपार्टमेंट की मदद करेगी। ट्रम्प जल्द ही आपातकालीन बजट को मंजूरी दे सकते हैं। संसद ने इसे पारित कर दिया है।

दक्षिण कोरिया के डोंगसान शहर में बुधवार को ड्यूटी पर जाता मेडिकल स्टाफ।

इजराइल : घर में रहें- ये अपील नहीं, अब आदेश है

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि पहले लोगों से जो घर में रहने की अपील की गई थी, वो अब सख्त आदेश के तौर पर देखा जाए। उन्होंने कहा, “हर इजराइली की ये जिम्मेदारी है कि वो सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों का सख्ती से पालन करे। हमने सेना को भी आदेश दिया है कि वो लोगों के घरों में ही रहने की निगरानी करे और अगर कोई इसका पालन नहीं करता है तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई करे। देश ने कई बार मुश्किल वक्त को मात दी है। अब समझदारी और संयम से चलने का समय है।”

लंदन की ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट में गुरुवार को फेस मास्क और ग्लव्स पहनकर जाते लोग।

अमेरिका : मेडिकल सप्लाई कम

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार शाम सभी 50 राज्यों के गर्वनरों से बातचीत की। सीएनएन के मुताबिक, कई गर्वनर ने ये शिकायत थी कि उनके पास पर्याप्त मेडिकल किट और दूसरी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं। ट्रम्प ने एक नई मेडिकल यूनिट भी बनाई है। इसमें देश के तमाम आला मेडिकल एक्सपर्ट्स शामिल किए गए हैं।



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इजराइल के तेल अवीव में गुरुवार को मास्क पहनकर साईकिल पर जाती महिला। यहां लॉकडाउन घोषित किया गया है।


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Wednesday, March 18, 2020

173 देशों में 8,952 मौतें: वॉशिंगटन का फुटबॉल मैदान हॉस्पिटल में तब्दील; पाकिस्तान में दूसरी मौत के बाद स्थिति भयावह

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वॉशिंगटन. कोरोनावायरस अब दुनिया के लगभग सभी देशों तक पहुंच चुका है। गुरुवार सुबह तक कुल 173 देश इसकी चपेट में आ चुके थे। 2,18,952 मामले सामने आए। 8,952 लोगों की मौत हुई। सिर्फ एक बेहतर खबर इस संदर्भ में है कि 84,795 मरीज ठीक भी हुए हैं। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सरकार जल्द ही आपातकालीन बजट ला सकती है। वॉशिंगटन के सबसे बड़े फुटबॉल मैदान को हॉस्पिटल में तब्दील किया जा रहा है। पाकिस्तान में हालात भयावह होते जा रहे हैं। यहां बुधवार को दूसरे मरीज ने दम तोड़ दिया।

अमेरिका : फुटबॉल मैदान में अस्पताल
वॉशिंगटन के किंग काउंटी फुटबॉल मैदान को अस्पताल में तब्दील किया गया है। यहां 200 बेड लगाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यहां सिर्फ संदिग्ध रखे जाएंगे। जिन मरीजों को पॉजिटिव पाया जाएगा उनका इलाज अस्पतालों में ही होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है कि अमेरिका में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आशंका है कि अस्पतालों में बेड कम पड़ सकते हैं। लिहाजा, उन जगहों का चुनाव किया जा रहा है जहां संदिग्धों को आईसोलेट किया जा सके।

बुधवार शाम अमेरिका और कनाडा की सीमा पर स्थित डेट्रॅायट के एम्बेसेडर ब्रिज से गुजरते ट्रक। इनमें मेडिकल इक्युपमेंट और जरूरी सामान था।

ट्रम्प प्रशासन : आपातकालीन बजट जारी हो सकता है

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिकी सरकार जल्द ही एक आपातकालीन बजट जारी कर सकती है। सीनेट और कांग्रेस से जल्द ही इस संबंध में बातचीत की जाएगी। हालांकि, राष्ट्रपति को भी यह विशेषाधिकार है कि वो इमरजेंसी में किसी राज्य या पूरे देश के लिए बजट जारी कर सकें। बाद में इसे संसद मंजूरी दे देती है।

बीजिंग में बुधवार को मास्क पहने एक दंपति।

पाकिस्तान : विदेश मंत्री आईसोलेशन में

मंगलवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन यात्रा पर थे। यहां से लौटने के बाद कुरैशी को गले में दर्द और बुखार की शिकायत हुई। कुरैशी ने खुद को घर में ही आईसोलेट कर लिया है। वो परिवार के सदस्यों से भी नहीं मिल रहे हैं। दुसरी तरफ, बुधवार रात तक पाकिस्तान में संक्रमण के 301 मामले सामने आ चुके थे। दो लोगों की मौत हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूलों में आईसोलेशन सेंटर्स बनाए गए हैं। आरोप है कि यहां मास्क, सैनिटाइजर और दवाओं के साथ ही डॉक्टरों की भी किल्लत है।

मंगलवार दोपहर लाहौर के एक स्कूल के बाहर बच्चों को संक्रमण से बचाव के उपाय सुझाता कर्मचारी।
बुधवार को सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर जांच के लिए कतार में खड़े यात्री।

इजराइल : किसी विदेशी को देश आने की इजाजत नहीं
इजराइल सरकार और सेना संक्रमण से निपटने के लिए हर तरह के उपाय कर रहे हैं। गुरुवार को नेतन्याहू सरकार ने एक और सख्त कदम उठाते हुए देश में किसी भी विदेशी के आने पर रोक लगा दी। यह प्रतिबंध सभी देशों के लिए है। लेकिन, मेडिकल एक्सपर्ट्स और इमरजेंसी फेसेलिटीज को इससे अलग रखा गया है।

जॉर्डन में लॉकडाउन को कामयाब बनाने के लिए सेना को सड़कों पर उतार दिया गया है। चित्र मंगलवार दोपहर का है।


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बुधवार को इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर मास्क लगाए यात्री। पाकिस्तान में संक्रमण से दूसरी मौत हो चुकी है।


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Tuesday, March 17, 2020

165 देशों में 7,965 मौतें: अमेरिका में 20% हो सकती है बेरोजगारी दर, लास एंजिल्स में खून की कमी; इजराइल में सैन्य भर्ती प्रक्रिया जारी

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वॉशिंगटन. बुधवार सुबह दुनिया में कोरोना से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 1,98,241 हो गया। 165 देश प्रभावित हैं। मरने वालों की संख्या 7,965 हो गई। 81,743 संक्रमित स्वस्थ भी हुए हैं। अमेरिका के वित्त मंत्री स्टीवन म्युचिन के मुताबिक, कोरोनावायरस का असर अमेरिका में रोजगार के अवसरों पर पड़ सकता है। स्टीवन ने बताया है कि अमेरिका में बेरोजगारी दर 20 फीसदी तक पहुंच सकती है। लास एंजिल्स के अस्पतालों में खून की कमी हो गई है। इसकी वजह रक्तदान करने वालों की कमी है। इजराइल संक्रमण रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। लेकिन, उसने सैन्य भर्ती प्रकिया को स्थगित नहीं किया।

अमेरिका : रोजगार पर असर
अमेरिका में मंगलवार रात कोरोनावायरस के अर्थव्यवस्था पर असर को लेकर मीटिंग हुई। वित्त मंत्री स्टीवन म्युचिन ने रिपब्लिकन सीनेटर्स को बताया कि संक्रमण का खतरा इसी तरह बढ़ता रहा तो अमेरिका अर्थव्यवस्था की हालत 2008 की आर्थिक मंदी से भी बदतर हो सकती है। म्युचिन ने चेतावनी दी कि कोरोना की वजह से बेरोजगारी दर 20 फीसदी तक पहुंच सकती है। इसके पहले अमेरिकी मीडिया ने चेतावनी दी थी कि कोरोना का असर हेल्थ सेक्टर के साथ अर्थव्यवस्था को भी तबाह कर सकता है।

मंगलवार को जिनेवा एयरपोर्ट का रिसेप्शन एरिया बिल्कुल खाली नजर आया।

यूएन : सुरक्षा परिषद की सभी बैठकें रद्द

संयुक्त राष्ट्र ने इस हफ्ते प्रस्तावित सुरक्षा परिषद की सभी बैठकों को रद्द कर दिया है। सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता फिलहाल चीन के पास है। चीन ही कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है। संक्रमण का पहला मामला भी यहीं सामने आया था। हालांकि, यूएन ने एक बयान में ये भी कहा है कि राजनयिकों और मीडिया के लिए विश्व संस्था खुली रहेगी।

आमतौर पर पर्यटकों से गुलजार रहने वाला मियामी बीच इन दिनों खाली नजर आ रहा है।

यूएस नेवी : मेडिकल शिप इस्तेमाल होंगे
अमेरिका में ज्वॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन मार्क मिले जल्द ही एक बड़ा फैसला ले सकते हैं। देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के देखते हुए अमेरिकी नौसेना के दो नेवी शिप हॉस्पिटल आम लोगों को हेल्थ फेसेलिटी दे सकते हैं। इनमें से एक शिप सैन डिायागो और दूसर नॉरफ्लॉक में तैनात है। बता दें कि दुनिया में किसी अन्य देश के पास अमेरिकी नेवी जैसे मोबाइल शिप हॉस्पिटल नहीं हैं। इनमें किसी फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं और हर तरह के मेडिकल इक्युपमेंट मौजूद हैं। डिफेंस सेक्रेटरी मार्क एस्पर ने कहा कि अमेरिकी सेना ने हेल्थ डिपार्टमेंट को पांच लाख मास्क मुहैया कराए हैं।

स्कॉललैंड के स्टेनहाउसमियर में एक मेडिकल शॉप। यहां सैनेटाइजर और मास्क की मांग कई गुना ज्यादा हो गई है।

लास एंजिल्स : खून की कमी

सीएनए के मुताबिक, लास एंजिल्स में कोरोनावायरस के डर की वजह से लोग ब्लड डोनेट नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से यहां के ब्लड डोनेशन सेंटर्स में खून की कमी हो गई है। शहर की हेल्थ डायरेक्टर क्रिस्टियाना घाली ने कहा, “हर रोज की तुलना में रक्तदान करने वालों की संख्या साढ़े पांच हजार कम हो गई है। मैं साफ कर देना चाहती हूं कि ब्लड डोनेशन पूरी तरह सुरक्षित है।”

इजराइल : हेल्थ सेक्टर को मदद देगी सेना
टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, इजराइली जल्द ही देश में मेडिकल फेसेलिटीज को मदद करने जा रही है। इसके लिए तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए सेना ने एक आदेश भी तैयार कर लिया है जिस पर सरकार विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल में संक्रमण छिपाने के कुछ मामले सामने आने के बाद संदिग्धों के फोन टैप किए जा रहे हैं। अगर हालात बिगड़ते हैं तो यहां नेशनल लॉकडाउन किया जा सकता है। इसकी जिम्मेदारी सेना संभालेगी।

इजराइल की राजधानी तेल अवीव में मंगलवार को सैन्य भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने आईं लड़कियां।

पाकिस्तान : हालात भयावह

जियो न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान में बुधवार सुबह तक कोरोनो संक्रमण के कुल 237 मामले सामने आ चुके हैं। दो लोगों की मौत हो चुकी है। दिक्कत ये है कि संक्रमण के संदिग्धों को क्वैरेन्टाइन या आईसोलेट करने की कोई व्यवस्था नहीं है। सिंध के कुछ स्कूलों में संदिग्धों को ठहराया जा रहा है। यहां एक ही हॉल में 58 संदिग्ध संक्रमित मौजूद हैं। सैनिटाइजेशन की कोई व्यवस्था नहीं है।

मंगलवार को पाकिस्तान के कराची में एक महिला की जांच करता मेडिकल स्टाफर।


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मंगलवार को इजराइल के तेल अवीव में सैन्य भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने आईं लड़कियां। सेना ने यह प्रक्रिया रद्द नहीं की है।


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